साहित्य वाचस्पति पं. लोचन प्रसाद पांडेय जी पर विशेष आलेख:- डाँ. बलदेव काव्य यात्रा ********* खड़ी बोली के विकास में जिन साहित्य मनीषियों ने अपना सर्वस्व अर्पित किया था , उनके बीच साहित्य वाचस्पति पं . लोचनप्रसाद पांडेय का नाम अत्यंत श्रद्धापूर्वक लिया जाता है । आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने म.प्र . की काव्य प्रवृत्तियां शीर्षक लेख में उनकी महत्ता इन शब्दों में व्यक्त की है- श्री लोचन प्रसाद पाण्डेय और उनके अनुज श्री मुकुटधर पाण्डेय हिन्दी काव्य में उसी प्रकार समादृत हैं , जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में मैथिलीशरण गुप्त और उनके छोटे भाई सियारामशरण गुप्त ' । आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपने हिन्दी साहित्य के इतिहास में आधुनिक काल की नई धारा के प्रथम उत्थान में भारतेन्दु , प्रतापनारायण मिश्र , प्रेमधन , ठा . जगमोहन सिंह और अम्बिका प्रसाद व्यास को प्रमुख कवियों के रूप में स्वीकार किया है । नई धारा के द्वितीय उत्थान के कवियों में उन्होंने श्रीधर पाठक , हरिऔध पं . महावीरप्रसाद द्विवेदी , मैथिलीशरण गुप्त , पं . रामचरित उपाध्याय , गिरधर शर्मा नवरत्न और लोचनप्रसाद पाण्डेय की गणना की है । द्वि...
Basant Raghav
ReplyDelete